‘दो बच्चे’ की दीवार गिरी! चुनावी मैदान अब सबके लिए खुला

संजीव पॉल
संजीव पॉल

राजस्थान की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। राजस्थान सरकार की कैबिनेट ने पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों से जुड़ी दो-संतान की अनिवार्य शर्त हटाने का फैसला कर लिया है।

करीब 27 वर्ष पहले भैरों सिंह शेखावत सरकार ने यह प्रावधान लागू किया था, जिसके तहत दो से अधिक संतान वाले चुनाव नहीं लड़ सकते थे।

अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राजस्थान पंचायतीराज संशोधन बिल 2026 और राजस्थान नगरपालिका संशोधन बिल 2026 को मंजूरी दे दी गई है।

“हालात बदल गए हैं” – सरकार का तर्क

कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि जब यह नियम बनाया गया था, तब जनसंख्या नियंत्रण प्राथमिक लक्ष्य था। लेकिन मौजूदा सामाजिक-आर्थिक हालात को देखते हुए सरकार ने इसे हटाने का निर्णय लिया है।

सरकार का संदेश साफ है डेमोग्राफी बदली है, तो डेमोक्रेसी के नियम भी अपडेट होंगे।

चुनावी साल में बड़ा संकेत

राजस्थान में आगामी महीनों में पंचायत और निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। दो-संतान शर्त हटने से हजारों संभावित उम्मीदवारों के लिए रास्ता खुल जाएगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी साल का “स्ट्रैटेजिक मूव” भी मान रहे हैं।

पहले परिवार छोटा रखो, फिर चुनाव लड़ो; अब परिवार बड़ा हो या छोटा, वोट बराबर।

अजमेर में नया आयुर्वेद विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने अजमेर में आयुर्वेद और योग विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। प्रस्तावित विश्वविद्यालय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देगा और शोध के नए अवसर खोलेगा।

जोधपुर में आर्थिक अपराध निदेशालय

राजस्व आसूचना निदेशालय का विस्तार कर अब आर्थिक अपराध निदेशालय बनाया जाएगा, जिसका मुख्यालय जोधपुर में होगा। यह निदेशालय बैंक फ्रॉड, शेयर बाजार घोटाले, MLM ठगी और जमीन धोखाधड़ी जैसे मामलों पर कार्रवाई करेगा। 60 नए पद भी सृजित किए गए हैं।

उदयपुर में 500 करोड़ का निवेश

उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि उदयपुर में 500 करोड़ रुपये की लागत से आयरन ओर प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होगा।

53 एकड़ जमीन पर बनने वाली इस परियोजना से स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जयपुर भारत मंडपम की बढ़ी लागत

जयपुर में प्रस्तावित भारत मंडपम प्रोजेक्ट की लागत 3500 करोड़ से बढ़ाकर 5800 करोड़ रुपये कर दी गई है। सरकार का दावा है कि संशोधित लागत के बावजूद राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।

‘राज निवेश पोर्टल’ पर पारदर्शिता

उद्योग विभाग ने निर्णय लिया है कि ‘राज निवेश पोर्टल’ पर औद्योगिक भूमि का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इस कदम से निवेशकों को जमीन चयन में पारदर्शिता और सहूलियत मिलेगी।

दो-संतान शर्त हटाना केवल कानूनी संशोधन नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश भी है। चुनावी मैदान खुला है, निवेश योजनाएं सक्रिय हैं और प्रशासनिक ढांचा मजबूत करने की बात हो रही है। अब निगाहें विधानसभा सत्र पर हैं—जहां इन विधेयकों को अंतिम मंजूरी मिलेगी।

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